नारायणपुर। कोडिल्यार क्षेत्र में जवानों ने दुर्लभ लेपर्ड गेको का वीडियो रिकॉर्ड किया है। वन्य प्राणी विशेषज्ञ इसे जैव विविधता का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। ऐसी प्रजातियां उन्हीं क्षेत्रों में मिलती हैं जहां पर्यावरण संतुलित हो। दुर्लभ छिपकली का रंग और बनावट इसे अलग पहचान देते हैं।
अबूझमाड़ के जंगलों की समृद्धि एक बार फिर सामने आई है। स्थानीय लोग पहले भी दुर्लभ जीव दिखने की बातें बताते रहे हैं। पहली बार फोटो और वीडियो सामने आने से चर्चा बढ़ी है। यह बताता है कि प्रकृति अब भी जीवित है।
