दुर्ग। प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप के एक संगठित गिरोह का चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 800 नग सीएडीआईएफओएस टी सिरप सहित 5 लाख रुपये का अन्य सामान जप्त किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 23 अप्रैल को चौकी स्मृतिनगर क्षेत्र के ग्राम जुनवानी खम्हरिया रोड के पास तीन लोगों द्वारा प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप ले जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर चौकी स्मृतिनगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सेण्ट्रो कार (क्रमांक सीजी-07/8595) को रोका। तलाशी में कार से सात कार्टून में रखे सीएडीआइएफओएस टी नामक सिरप बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी योगेश शर्मा और उमेश कुमार यादव ने बताया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस तैयार कर गुजरात की कंपनियों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इंडिया मार्ट और ई-कुरियर के माध्यम से नशीली सिरप मंगाते थे। इसके बाद इन सिरप को अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाते थे। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस में एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार किया था, साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।
पुलिस जांच में गिरोह के अन्य सदस्य महावीर जैन उर्फ रोहित और सतीश मेश्राम की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 800 नग सीएडीआईएफओएस टी सिरप (कीमत लगभग 2,08,800 रुपये), एक एक्टिवा, एक सेण्ट्रो कार, चार मोबाइल फोन और 1,200 रुपये नकद सहित कुल करीब 5 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 8(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
