गरियाबंद। पाण्डुका वन परिक्षेत्र के तिलईदादर बीट अंतर्गत ग्राम गिधनी में मंगलवार सुबह खेत में काम करने गए एक ग्रामीण पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद ग्रामीण ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी जान बचा ली। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसके सिर और हाथ में तेंदुए के द्वारा नोंचे गए निशान को ठीक करने में डॉक्टर जुटे हुए है।।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गिधनी निवासी तुलसी राम ठाकुर प्रतिदिन की तरह सुबह लगभग 7 बजे अपने खेत में काम करने गए थे। खेत के समीप घना जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण वहां जंगली जानवरों की आवाजाही आम बात है। इसी दौरान अचानक झाडिय़ों के बीच से एक तेंदुआ निकलकर उन पर टूट पड़ा। तेंदुए के इस अचानक हमले से तुलसी राम ठाकुर संभल भी नहीं पाए और जमीन पर गिर पड़े। हमले में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। जानलेवा स्थिति के बीच उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह खुद को छुड़ाकर शोर मचाया, जिससे तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।घायल अवस्था में उन्होंने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें छुरा उपस्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद ग्राम गिधनी सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जंगली जानवरों, विशेषकर तेंदुए की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। बावजूद इसके वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, जिससे आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गश्त बढ़ाई जाती और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखी जाती, तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल टीम तैनात की जाए, नियमित गश्त बढ़ाई जाए तथा जंगली जानवरों की निगरानी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही, घायल ग्रामीण को उचित मुआवजा और उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
