रायपुर में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर राष्ट्रीय मांग दिवस के तहत अंबेडकर चौक में श्रमिकों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मानेसर, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग उठाई गई। संयुक्त मंच के संयोजक और ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि देशभर के श्रमिक कम मजदूरी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और बढ़ती ठेका प्रथा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारें उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक 10 से 13 घंटे काम करने के बावजूद केवल 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन पा रहे हैं और उन्हें पीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम तथा सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने, 8 घंटे का कार्यदिवस लागू करने, अतिरिक्त कार्य के लिए दोगुना ओवरटाइम देने, ठेका श्रमिकों को समान वेतन और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा चारों श्रम संहिताओं को वापस लेकर पुराने 44 श्रम कानून बहाल करने की मांग की। इस दौरान रसोई गैस की कीमत कम करने और महंगाई पर नियंत्रण की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में इंटक, एचएमएस, एटक, सीटू और ऐक्टू सहित कई ट्रेड यूनियन संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। अंत में एनआईटी परीक्षा निरस्त होने से प्रभावित छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की गई।
