जिले के वनांचल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और स्थानीय लोगों में डर पैदा कर दिया है। 11-12 मई की रात औंधी इलाके के ग्राम निडेली के पास एक पालतू गाय का शिकार हुआ, और प्राथमिक जांच में पता चला कि यह हमला बाघ का था। डीएफओ दिनेश पटेल ने पुष्टि की है कि तालाब और घटनास्थल पर मिले पगमार्क बाघ के हैं। वन अमला जंगल में ट्रैप कैमरे लगाकर बाघ की निगरानी कर रहा है, ताकि उसकी तस्वीर और शारीरिक जानकारी प्राप्त की जा सके। ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है, और गाय के मालिक को मुआवजा देने का भरोसा भी दिया गया है। इलाके में बाघ और तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन अमला मुस्तैद है, जिससे वन्य प्राणियों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
