राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संचालित संजीवनी क्लीनिकों में तीन फर्जी डॉक्टरों के पकड़े जाने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंच बना ली है। जांच में सामने आया कि पकड़े गए तीनों डॉक्टर फर्जी MBBS डिग्री और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नकली रजिस्ट्रेशन के आधार पर नौकरी कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने भोपाल और ग्वालियर में लगातार दबिश दी, जहां से एक मुख्य आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह आरोपी फर्जी डिग्रियां तैयार कर उन्हें सरकारी और निजी नौकरियों में इस्तेमाल कराने का पूरा नेटवर्क चला रहा था। वहीं इस रैकेट का एक और अहम सदस्य ग्वालियर का एक डॉक्टर बताया जा रहा है, जो फर्जी मेडिकल डिग्रियां उपलब्ध कराने में शामिल था और फिलहाल फरार है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
