जगदलपुर। बस्तर के मूल निवासी और सर्व समाज के लोगों ने बैठक कर शासन द्वारा जैन दिगंबर समाज को किए गए जमीन आवंटन का विरोध जताया है।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि 15 हजार स्क्वायर फीट जमीन में से 7500 स्क्वायर फीट का आवंटन किया गया है, जिसे तत्काल निरस्त किया जाए। बैठक में जल्द ही कलेक्टर को आवेदन सौंपने का निर्णय लिया गया। 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो जनप्रतिनिधियों के बंगलों के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस जमीन पर सर्व समाज के लिए सामुदायिक भवन बनाया जाना चाहिए, ताकि बस्तर दशहरा में दूर-दराज़ से आने वाले देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्था हो सके। उनका आरोप है कि आज तक देवी-देवताओं को रखने और ग्रामीणों के रुकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं बनाई गई है।
सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के संभागीय अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने इसे मूल निवासियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भूमकाल दिवस पर सर्व समाज की ओर से मांग रखने के बावजूद एक समुदाय के नाम रजिस्ट्री करना बस्तर के मूल निवासियों के साथ अन्याय है। समाज ने साफ कहा है कि यदि आवंटन निरस्त नहीं हुआ तो पूरे बस्तर संभाग से लोग जुटाकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
