मध्यप्रदेश के श्योपुर में प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है, जहां मंगलवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे बुजुर्ग देवेंद्र अग्रवाल ने अधिकारियों के सामने जहर खा लिया। इसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिससे शहर में आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज परिजनों और लोगों ने बुधवार सुबह जय स्तंभ चौक पर शव रखकर टेंट लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जनसुनवाई में अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और बुजुर्ग की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे अस्पताल नहीं भेजा गया। मामला बढ़ने पर जिला प्रशासन और कलेक्टर शीला दाहिमा ने हस्तक्षेप किया और परिजनों से बातचीत कर उन्हें 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, साथ ही विवादित कार्रवाई से जुड़े एक अधिकारी को हटाने का निर्णय भी लिया गया, जिसके बाद परिजन और समाज के लोग शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया गया।
