रायगढ़। रायगढ़ जिले में पानी में डूबने से एक और हाथी शावक की मौत हो गई है। यह घटना रायगढ़ वन मंडल के खरसिया रेंज के अंतर्गत मांड नदी के गुर्दा गांव के पास की है। इससे वन विभाग के कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जनवरी से अब तक केवल रायगढ़ जिले में ही 9 हाथी शावकों की जान जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार, खरसिया क्षेत्र के मांड नदी (गुर्दा के पास) में एक हाथी शावक का शव देखा गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर हाथी शावक के शव को नदी से बाहर निकाला।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से इस इलाके में 50 से अधिक हाथियों का एक बड़ा दल लगातार विचरण कर रहा है। इसी दल के एक शावक की गुर्दा क्षेत्र के पास नदी में डूबने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में मौत का कारण पानी में डूबना बताया जा रहा है, पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
मई में ही डूबने से चार हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। जनवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 9 हाथी शावकों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन मौतों ने वन विभाग की निगरानी, ट्रैकिंग और हाथी प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों के बढ़ते विचरण क्षेत्र, जल स्रोतों के आसपास पर्याप्त निगरानी की कमी और मानव-हाथी संघर्ष वाले इलाकों में सुरक्षा उपायों की कमजोर व्यवस्था ऐसे हादसों की बड़ी वजह बन सकती है। स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने भी लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताते हुए व्यापक जांच और प्रभावी संरक्षण रणनीति की मांग की है।
