सरगुजा जिले के सीतापुर में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने हड़ताल शुरू कर दी है। इस घटना के बाद राजस्व अधिकारियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है और वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले पर वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि दबाव बनाने के बजाय यह देखा जाना चाहिए कि लक्ष्मण रेखा किसने लांघी और लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गरिमा का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने यूनियन की जांच मांग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घटना क्यों हुई, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है। बता दें कि सीतापुर में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट का आरोप लगा है, जिसके बाद से राजस्व अधिकारी सामूहिक अवकाश, कलमबंद हड़ताल और अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं। इसी बीच हसदेव अरण्य मुद्दे पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर भी सियासत तेज हो गई है, जिस पर अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए भूपेश सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं।
