जगदलपुर। नगर पालिका निगम जगदलपुर के इंदिरा वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद उपचुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा को करारी शिकस्त दी है। कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 436 मतों के अंतर से पराजित कर जीत दर्ज कर लिया है। आज गुरूवार को हुई मतगणना के परिणाम के अनुसार कुल मतों की संख्या 1542 थी। बूथ क्रमांक 37 में कांग्रेस प्रत्याशी को 483 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा को 157 मत मिले। आम आदमी पार्टी को 18 मत तथा 5 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। इसी प्रकार बूथ क्रमांक 38 में कांग्रेस को 331 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के पक्ष में 221 मत पड़े। आम आदमी पार्टी को 4 मत तथा 4 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। दोनों बूथों के परिणामों को मिलाकर कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने कुल 814 मत प्राप्त किए, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 378 मत मिले। इस प्रकार कांग्रेस ने 436 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल कर लिया है।
कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ही दलों की प्रतिष्ठा इस पार्षद चुनाव के दौरान लगी थी। एक ओर जहां जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन इस वार्ड के निवासी है। तो दूसरी ओर वर्तमान भाजपा विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का यह विधानसभा क्षेत्र है।
वहीं महापौर संजय पांडे भी भाजपा के होने के बावजूद कांग्रेस के गढ़ को जीतने में भाजपा विफल रही। खास बात यह है कि इंदिरा वार्ड कांग्रेस का गढ़ रहा है, पिछले 30 सालों से वार्ड में कांग्रेस का कब्जा रहा है। इस बार फिर कांग्रेस ने जीत दर्ज कर इतिहास दोहराया है। दरअसल यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद रहे अब्दुल रशीद के निधन के बाद खाली हुई थी। अब्दुल रशीद लगातार चार बार पार्षद चुने गए थे। इससे पहले उनकी मां भी दो बार इस वार्ड का प्रतिनिधित्व कर चुकी थीं।
इंदिरा वार्ड क्रमांक 16 के पार्षद उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामकृष्ण तिवारी ने जीत दर्ज करने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने वार्ड की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब्दुल रशीद की मौत के बाद से मैं पूरे वार्ड का काम कर रहा था। उसी का परिणाम है, कि मुझे जनता का आशीर्वाद मिला। इसके अलावा कांग्रेस संगठन का भी पूरा सहयोग मिला।
नगर पालिका निगम जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय ने कहा कि जनता का जनादेश स्वीकार है। भाजपा को जीत की उम्मीद थी, लेकिन कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति सफल रही। कांग्रेस ने वार्ड को बाहरी प्रत्याशी और भीतरी प्रत्याशी में तब्दील किया। इस हार की पार्टी स्तर पर समीक्षा की जायेगी।
