PM at Shri Ram Janmbhoomi Mandir Dhwajarohan Utsav, in Ayodhya, Uttar Pradesh on November 25, 2025.
श्रीराम मंदिर चढ़ावे मामले में एसआईटी अपनी जांच कर चुकी है. टीम लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है. टीम सीएम योगी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग गठित करने के अनुरोध वाली एक नई जनहित याचिका बीते दिनों हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल की गई है. अगले हफ्ते इस मामले की सुनवाई हो सकती है. अधिवक्ता मोतीलाल यादव की पीआईएल में राज्य सरकार समेत पुलिस महानिदेशक, अयोध्याडीएम, एसएसपी, ट्रस्ट सचिव को पक्षकार बनाया गया है.
गौरतलब है कि चढ़ावे में गड़बड़ी को लेकर लगातार नई नई बातें सामने आ रही है. शनिवार को ही इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड ने 60 किलो चांदी गायब होने की बात कही थी. अनुराग रस्तोगी के मुताबिक देशभर के सराफा व्यापारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी भेजकर 60 किलो चांदी इकट्ठा की थी. इस चांदी को गलाकर एक से सवा किलो वजन की ईंटें तैयार की गई थीं, इस पर दानदाताओं के नाम और गोत्र लिखा गया था. रस्तोगी के मुताबिक, 20 जुलाई 2020 को चंपत राय की सहमति के बाद ये चांदी की ईंटें अयोध्या स्थित रामकचहरी में सौंपी गई थीं.
मालूम हो कि रामलला का बहुमूल्य हार और चरण पादुका गायब! SIT को नहीं मिला सुराग, चंपत राय के ड्राइवर ने कहा- गलाने के लिए बेंगलुरू भेजा गया था
रस्तोगी के मुताबिक उस दौरान समय चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और कैशियर प्रकाश गुप्ता उपस्थित थे. दान सामग्री स्वीकार करने के बाद शुद्धता प्रमाण पत्र और रसीद भी जारी की गई थी. रस्तोगी के मुताबिक इन ईंटों को नींव पूजन में उपयोग करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन बाद में दानदाताओं को इसकी कोई जानकारी नहीं मिली. ये भी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से एक-एक किलो के दो चांदी के दीपक, दो चांदी के कटोरे, 200 ग्राम की पंचधातु सिल्ली और नाग-नागिन का जोड़ा दान किया था. लेकिन मंदिर बनने के बाद न तो दीपक दिखाई दे रहा है और न ही भगवान के भोग के लिए दान किए गए चांदी के कटोरे. रस्तोगी ने इन सभी दान सामग्री का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है.
