मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में इन दिनों कार्यों की रफ्तार पूरी तरह धीमी पड़ गई है, जिससे कई महत्वपूर्ण अभियान और नियुक्तियां लंबित हैं। पिछले करीब पांच महीनों से मीडिया विभाग बिना प्रवक्ताओं के ही काम कर रहा है, जबकि नई नियुक्तियों पर भी अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। मीनाक्षी नटराजन से जुड़े विवाद के बाद संगठनात्मक गतिविधियों पर असर पड़ा है और एआईसीसी की मंजूरी मिलने के बावजूद “घर-घर चलो” और “जन संवाद” जैसे बड़े अभियान अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। 30 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य भी फिलहाल कागजों तक सीमित है। वहीं ब्लॉक स्तरीय सम्मेलन, जो 25 मई से शुरू होने थे, वे भी अब तक नहीं हो सके हैं, जिससे जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
