गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 94 गांवों के 223 आंगनबाड़ी केंद्रों में 9584 हितग्राहियों तक योजनाएं पहुंचाने वाले विभाग में पिछले एक साल से परियोजना अधिकारी का पद खाली पड़ा है। अधिकारी की कमी के कारण योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। वर्तमान में जिला परियोजना अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जबकि ब्लॉक स्तर पर सुपरवाइजर को प्रशासनिक प्रभार सौंपा गया है। जनपद अध्यक्ष का आरोप है कि इससे काम सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है और बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा ग्रामीण परिवारों से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे केंद्रों के संचालन में भी परेशानी आ रही है। विभाग का कहना है कि रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया जारी है और जल्द ही व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा।
