रायपुर। राज्य में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिना स्थानीय रजिस्ट्रेशन के प्रैक्टिस की अनुमति देने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर विवाद गहरा गया है। इस कदम के पीछे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी का हवाला देते हुए कहा कि जो डॉक्टर सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं, वो प्रदेश की भी चिंता करें। सरकार के इस फैसले का प्रदेश के डॉक्टर लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे स्थानीय डॉक्टरों के हित प्रभावित होंगे। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि केवल वही डॉक्टर अनुमति के पात्र होंगे, जिनका दूसरे राज्यों में वैध रजिस्ट्रेशन हो, और जो एनएमसी से पंजीकृत हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर डॉक्टरों से जल्द बातचीत की जाएगी।
वैसे छत्तीसगढ़ पहला राज्य नहीं जहां यह लागू किया जा रहा है, देश के चार-पांच राज्यों ने भी इसको अपनाया है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर के 125 पदों पर हमने रेगुलर भर्ती निकाली थी, इसमें कुल 78 आए हैं। हमारे पास वेकेन्सी की कमी नहीं है। भर्ती निकाल रहे हैं, लेकिन उसके बाद भी डॉक्टर न मिले तो हम क्या करें।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर राजधानी के जिला अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को पोलियो पीनी चाहिए। जो 5 साल के कम उम्र के बच्चे हैं।
