एमपी कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। कांग्रेस की प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उज्जैन के भूमि विवाद और वीर भारत न्यास मामले को जांच का विषय बताते हुए कहा कि सही और गलत का फैसला जांच से हो सकता है, लेकिन दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता द्वारा अपने ही प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करना समझ से परे है। निधि चतुर्वेदी ने कहा कि अगर जीतू पटवारी से कोई गलती हुई थी तो उसे पार्टी के अंदरूनी मंचों पर उठाया जा सकता था, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सार्वजनिक रूप से विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह की नाराजगी और बयानबाजी व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से पार्टी अनुशासन बनाए रखने और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने की मांग की है। हालांकि पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
