रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में बारिश का असमान वितरण देखने को मिल रहा है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 27 जुलाई की स्थिति में जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। यह बीते 10 वर्षों की औसत बारिश (494 मि.मी.) का 85.2 प्रतिशत है। औसतन आंकड़ों के लिहाज से स्थिति भले ही सामान्य के करीब नजर आ रही हो, लेकिन जिलों के धरातलीय आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य छत्तीसगढ़ यानी मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में अब भी पानी की दरकार है। प्रतिशत
इस मानसून में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में औसत के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ 181.5 फीसदी (694.3 मि.मी.) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही महासमुंद (123.2 प्रतिशत), बलरामपुर (125.5 प्रतिशत), जांजगीर-चांपा (117.6 प्रतिशत), बलौदाबाजार (114.0 प्रतिशत), सक्ती (113.7 प्रतिशत) और राजधानी रायपुर (111.1 प्रतिशत) में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे यहाँ के नदी-नाले उफान पर हैं और खेती-किसानी के काम में तेजी आई है। इसके अलावा बिलासपुर (102.5 प्रतिशत), दुर्ग (105.1प्रतिशत) और मुंगेली (100.6 प्रतिशत) में भी वर्षा का कोटा लगभग पूरा हो चुका है।
दूसरी ओर बस्तर संभाग का बीजापुर जिला राज्य में सबसे पीछे है, जहाँ अब तक महज 42.9 प्रतिशत (387.5 मि.मी.) बारिश ही हो पाई है। कमोबेश यही स्थिति सुकमा (45.0 प्रतिशत), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (51.8 प्रतिशत), कांकेर (54.0 प्रतिशत), कोण्डागांव (54.4 प्रतिशत), बस्तर (54.5 प्रतिशत) और सरगुजा (69.0प्रतिशत) जिलों की भी है, जहाँ बारिश का आंकड़ा सामान्य के आधे के आसपास ही अटका हुआ है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 7.6 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जिसमें महासमुंद में सर्वाधिक 37.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 34.4 मि.मी. और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 33.4 मि.मी. वर्षा हुई। वहीं बलरामपुर, कोरिया, मोहला-मानपुर, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी है।
