झारखंड। राजधानी रांची में 25 दिने चले विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है। बता दें कि कई पुरानी भर्तियों को रद्द कर दी गई है। हालांकि इस फैसले के बाद अब एक और नया विवाद खड़ा हो गया है। JSSC-CGL परीक्षा में चयनित होकर नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद नियुक्ति पाई थी, लेकिन अब सरकार के फैसले ने उनकी नौकरी और भविष्य दोनों को संकट में डाल दिया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बीते दिन हुई विशेष कैबिनेट बैठक में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। साथ ही सरकार ने 2014 से अब तक आउटसोर्स एजेंसी TDPL के माध्यम से आयोजित कराई गईं। सभी भर्ती परीक्षाओं और उनसे जुड़े परिणामों को भी निरस्त करने की घोषणा की।
