रायपुर। भारत, साउथ आफ्रिका के बीच नवा रायपुर में 3 दिसंबर को होने वाले क्रिकेट मैच के टिकटों में काला बाजारी खुलकर की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ऑनलाइन टिकट बेचे जाने की घोषणा राज्य क्रिकेट संघ ने किया था, लेकिन सिर्फ आधे घंटे में वेबसाइट को बंद कर दिया गया। जिन लोगो ने ऑनलाइन टिकिट खरीद लिया था। उनको टिकिट की मेन्यूल टिकट लेने के लिये इंडोर स्टेडियम बुलाया गया। लेकिन वहां भी आधे घंटे में काउंटर बंद कर दिया गया। क्रिकेट प्रेमी घंटो कतार लगाकर टिकिट लेने का इंतजार करते रहे। पहले ऑनलाइन बुक करना उसके बाद फिर बुलाकर लाईन लगवा कर मेन्यूल टिकिट देना। ऐसोशियसन का गैर जिम्मेदाराना रवैया हैं। विद्यार्थियों को कन्शेसन रेट में टिकिट की घोषणा की थी पर विद्यार्थी भटक रहे है, उन्हें रियायती टिकिट नहीं दिया जा रहा है। सभी टिकटों को पीछे दरवाजे से बेच दिया गया।
शुक्ला ने कहा कि नागरिक पैसे देकर टिकिट नहीं पा रहे है। आयोजक मंत्रियों सत्तारूढ़ दल के नेताओं और अधिकारियों के घर काम्पलीमेंट्री टिकिट भेज रहे है। जो स्टेडियम में राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से कांग्रेस की सरकार ने बनाया था। भाजपा सरकार ने उसे क्रिकेट संघ को मुफ्त में सौंप दिया। बदले में राज्य सरकार राज्य की जनता के लिये रियात दर पर टिकिट भी नहीं दिलवा पा रही। सन् 2001 में गाढ़ी कमाई का 100 करोड़ रू. से अधिक राशि लगा था। आज उसी स्टेडियम पर होने वाले मैच को देखने राज्य की जनता को परेशान होना पड़ रहा है।
शुक्ला ने कहा कि रायपुर का वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम राज्य सरकार ने राज्य की जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से बनाया गया है। इस स्टेडियम पर होने वाले मैच को देखने का पूरा हक प्रदेश की जनता का है, लेकिन स्टेडियम को जैसे ही एसोशियेसन को हैंडओवर हो गया ऐशोसियेशन राज्य के क्रिकेट प्र्रेमियों को परेशान करने पर उतर आया है।
