रायपुर। इंडियन ऑयल के रायपुर मंडल खुदरा बिक्री प्रमुख (डीआरएसएच) एवं छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री नितिन चव्हाण ने आपूर्ति स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि उभरती हुई वैश्विक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, पीएसयू ओएमसी ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। व्यावसायिक एलपीजी (कमर्शियल गैस) के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों को भी प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति की जा रही है, तथा प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की आपूर्ति में भी वृद्धि की गई है। श्री चव्हाण ने आगे बताया कि पीएसयू तेल विपणन कंपनियों ने मांग और आपूर्ति दोनों स्तरों पर कड़े निगरानी उपाय लागू किए हैं, जिसके तहत रिफाइनरी उत्पादन को भी बढ़ाया गया है, और वर्तमान में किसी भी एलपीजी वितरक के पास गैस की कोई किल्लत (ड्राई-आउट) दर्ज नहीं की गई है।
नागरिकों की सुविधा और जागरूकता के लिए एक सार्वजनिक परामर्श जारी करते हुए श्री नितिन चव्हाण ने आम जनता से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट में न आएं और न ही अनावश्यक रूप से अतिरिक्त खरीदारी (पैनिक बाइंग) करें, क्योंकि तेल कंपनियां इन ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रयास कर रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे ईंधन की उपलब्धता के संबंध में किसी भी प्रकार की सटीक और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक विज्ञप्तियों पर ही भरोसा करें। इसके अतिरिक्त, एलपीजी उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे गैस बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के दफ्तर जाने से बचें। साथ ही, थोक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार डीजल की खरीद केवल अधिकृत खरीद चैनलों के माध्यम से ही करें।
