बिलासपुर। शहर और आउटर के करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं और दूसरी ओर कई पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड लग गए है। इसका ज्यादा असर एचपीसीएल के पंपों पर है, जबकि बीपीसीएल के पंप में डीजल-पेट्रोल की कमी हो गई है। आईओसीएल के कुछ पंप ड्राई हुए हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल जा रही है। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंप के साथ ही जिले के पेट्रोल पंप में भी इन दिनों पेट्रोल-डीजल संकट गहराता नजर आ रहा है और लोगों को पेट्रोल पंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जिन पंपों में पेट्रोल-डीजल बचा है, वहां भी कटौती शुरू हो गई है। लोग अब सामान्य से ज्यादा पेट्रोल डलवा रहे हैं। कई जगह वाहन चालकों की लाइन लग रही है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जिले में पांच दिन का स्टॉक मौजूद है ।
टैगोर चौक, पुलिस पेट्रोल पंप, सीपत चौक और बैमा-नगोई चौक के पंपों पर सामान्य दिनों से ज्यादा भीड़ दिखी। कर्मचारियों का कहना है कि लोग पहले से ज्यादा पेट्रोल मांग रहे हैं। कई वाहन चालक साफ कह रहे हैं कि अगर बाकी पंप भी बंद हो गए तो परेशानी बढ़ जाएगी, इसलिए पहले से टंकी फुल करवा रहे हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों के पंप संचालकों ने अपने स्तर पर बिक्री सीमित कर दी है। बाइक चालकों को 500 की जगह 200 रुपए तक का पेट्रोल दिया जा रहा है। कार वालों को 1000 रुपए और बड़े वाहनों को सीमित डीजल मिल रहा है।
संचालकों का कहना है कि एडवांस पेमेंट के बाद भी सप्लाई दो से तीन दिन की देरी से मिल रही है। पंप संचालकों के मुताबिक एचपीसीएल के पंपों में सबसे ज्यादा दिक्कत है। बीपीसीएल के पंप भी प्रभावित हैं। कुछ तेल कंपनियों ने हालात को देखते हुए सप्लाई नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। कई पंपों पर एक बार में सीमित मात्रा में ही ईंधन देने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं 40 लीटर तो कहीं 50 लीटर तक की सीमा तय की गई है। इसका उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और अधिक से अधिक लोगों तक ईंधन पहुंचाना है। हालांकि, इस व्यवस्था से बड़े वाहन संचालकों और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ गई है।
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने दावा किया है शहर के 9 पंप संचालकों का पेमेंट हो चुका है और उन्हें जल्द सप्लाई मिल जाएगी। चार सर्विस स्टेशनों का भुगतान लंबित है। ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है कि जिले में बड़ी शॉर्टेज नहीं है और तेल कंपनियों के माध्यम से सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया जारी है।
इधर, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंप ड्राई होने की सूचना मिली है लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है। शहर का गंगा फ्यूल्स पहले से बंद है, जबकि नेहरू चौक का पंप तीन बार ड्राई हो चुका है। देवकीनंदन चौक का पंप भी एक माह से बंद है। बुधवार को आउटर के कई पंपों में अचानक पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। कुछ पंप तीन दिन से सूखे पड़े हैं।
