पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी बिखरती जा रही है। विधायक दल के बाद टीएमसी के 20 सांसदों ने बगावत करते हुए अलग गुट बना लिया है। टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद एक अलग गुट बनाकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार को समर्थन करने का फैसला किया है। वहीं बागी सांसदों ने काकोली घोष (Kakoli Ghosh) को अपना चीफ व्हिप चुना है। तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का चीफ व्हिप बनाया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लेटर लिखकर कहा है कि इसे तत्काल प्रभाव रिकॉर्ड में लिया जाए और जरूरी कार्रवाई की जाए।
चीफ व्हिप बनने के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के बागी सांसदों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब बीजेपी के इशारे पर हो रहा है। अब उनके नेता पीएम नरेंद्र मोदी बन गये हैं, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी नहीं रहीं। उन्होंने बागी सांसदों को ‘गद्दार’ और ‘भगोड़ा’ तक कह दिया।
गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर टीएमसी में फूट पड़ गई है। अभिषेक बनर्जी ने नाराज विधायक और सांसद कई आरोप लगाने के बाद पार्टी में अलग गुट बना लिए हैं। इसकी शुरुआत राज्य की सत्ता से होती है। जब 60 विधायकों ने बगावत करते हुए अलग गुट बनया था। इतना ही, खुद को असली टीएमसी का दावा भी ठोक दिया था। अब टीएमसी सांसदों ने भी अलग गुट बना लिया है।
ममता बनर्जी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने काकोली घोष के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया है। इतना ही नहीं, इन बगावती सासंदों ने काकोली घोष को लोकसभा में अपना चीफ व्हिप भी गोषित कर दिया। इसे लेकर बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को खत भी लिखा है। साथ ही खुद को अलग बैठने की व्यवस्था करने कीमांग की है।
टीएमसी के 20 सांसदों की रविवार देर रात दिल्ली के एक अज्ञात स्थान पर अनौपचारिक बैठक भी हुई। इसमें सांसदों ने मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया।TMC सांसद शताब्दी रॉय के घर बागी सांसदों की बैठक हुई। इसमें जून मालिया, बापी हलदर, अबू ताहिर खान और असित कुमार मल समेत कई सांसद मौजूद रहे। बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी भी उनके घर सांसदों से मिलने पहुंचे थे।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसद है। काकोली घोष का दावा है कि टीएमसी 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग की है। काकोली घोष के साथ 20 सांसदों के होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अभी तक जो नाम सामने आए हैं, उसमें टीएमसी के 14 सांसद के नाम है. काकोली घोष के साथ में शताब्दी रॉय, बापी हलदर, अरूप चक्रवर्ती, जून मालिया, दीपक अधिकारी (देव), कालीपदा सरेन, जगदीश बसुनिया, असित मल, अबू ताहिर खान, खलीकुर रहमान, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी और पार्थ भौमिक हैं।
टीएमसी में टूट के बाद भी पार्टी सांसदों का एक धड़ा ममता बनर्जी के साथ खड़ा है। ममता के साथ मजबूती से खड़े रहने वाले सांसदों में अभिषेक बनर्जी, सायनी घोष, कीर्ति आजाद, महुआ मोइत्रा, सौगत रॉय, सुदीप बंद्योपाध्याय और कल्याण बनर्जी हैं।
