दुर्ग। भिलाई नगर पुलिस ने खाद्य विभाग की शिकायत पर सेक्टर-7 स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालक धनंजय सिंह राजपूत और विक्रेता नमिता सिन्हा के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल में गड़बड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने 1007.51 क्विंटल चावल का गबन किया, जिसकी कीमत 40 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने दुकान संचालक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि विक्रेता की तलाश जारी है।
खाद्य निरीक्षक चंद्रकांत बघेल ने बताया कि वर्ष 2024 में जिले की कई उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया था। जांच के दौरान सेक्टर-7 मार्केट स्थित सरकारी राशन दुकान में 1007.51 क्विंटल चावल स्टॉक से कम पाया गया। इसके बाद मामला कलेक्टर न्यायालय में पहुंचा। सुनवाई के दौरान संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद न्यायालय के निर्देश पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
खाद्य विभाग की शिकायत के आधार पर भिलाई नगर पुलिस ने धनंजय सिंह राजपूत और नमिता सिन्हा के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। कार्रवाई के बाद पुलिस ने संचालक धनंजय सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जबकि दूसरी आरोपी नमिता सिन्हा की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 में जिले की 15 से अधिक राशन दुकानों का स्टॉक सत्यापन किया गया था। इसी क्रम में 24 जुलाई 2024 को सेक्टर-7 स्थित दुकान का निरीक्षण किया गया। जांच टीम ने दुकान में उपलब्ध राशन का भौतिक सत्यापन कर ऑनलाइन स्टॉक से मिलान किया, जिसमें 1007.51 क्विंटल चावल की कमी सामने आई।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बीपीएल और एपीएल कार्डधारकों के लिए आवंटित चावल का कथित रूप से अवैध रूप से दुरुपयोग और कालाबाजारी की गई। हालांकि मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
