जगदलपुर। दलपत सागर प्रवासी पक्षियों से गुलजार हो उठा है। विदेशी पक्षियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का आकर्षण का केंद्र बना दिया है। चीन, मंगोलिया, यूरोप और अलास्का जैसे क्षेत्रों से पक्षी आए हैं। इनमे स्पॉट बिल्ड पेलिकन, बार हेडेड गूज और रेड क्रीस्टेट पोचार्ड जैसे दुर्लभ पक्षी भी देखे जा सकते हैं। यह जलाशय जैव विविधता के कारण पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बना हुआ है। यह शोध और मत्स्याखेट का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय और बाहरी शोधार्थी यहां जलीय जीवन पर अध्ययन कर रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण और मानवीय हस्तक्षेप ने चिंता बढ़ा दी है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यह केवल जलाशय नहीं, एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है। यदि समय रहते संरक्षण नहीं हुआ तो यह विरासत खतरे में पड़ सकती है। आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे बचाना जिम्मेदारी बन गई है। इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
