ग्वालियर में कोर्ट केस से जुड़ी लापरवाही के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह मामला वरिष्ठ व्याख्याता अनंत पुंधीर के वेतन पुनर्निर्धारण से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 1998 के वेतन पुनरीक्षण नियमों के तहत उनका वेतन 7100 रुपये निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में 2012 में ऑडिट आपत्ति के आधार पर इसे घटाकर 6900 रुपये कर रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके खिलाफ अनंत पुंधीर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें सिंगल बेंच ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए कहा था कि उनका संशोधित वेतन 7100 रुपये ही सही है और किसी प्रकार की रिकवरी नहीं की जानी चाहिए। आदेश का पालन न होने पर अवमानना याचिका भी दायर की गई, जो अभी लंबित है। इसी बीच विभागीय निर्देशों के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिव्यू याचिका दायर नहीं करने और अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही बरतने को गंभीर माना गया, जिसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।
