मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन अभियान के बीच दुर्ग जिले में भाजपा नेता से विवाद और अभद्र व्यवहार के आरोप में जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश पांडे को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उनके खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब को असंतोषजनक मानते हुए यह कार्रवाई की। साथ ही महेंद्र कुमार जांगड़े को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जानकारी के अनुसार, थनौद गांव में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के जनसमस्या समाधान शिविर के दौरान सामुदायिक भवन निर्माण के लिए राशि जारी करने को लेकर भाजपा के दुर्ग ग्रामीण मंडल महामंत्री पुराण देशमुख और जनपद CEO रूपेश पांडे के बीच विवाद हो गया। चर्चा के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई और आरोप है कि CEO ने भाजपा नेता को उंगली दिखाते हुए कहा, “तेरे को जो करना है कर ले।” यह पूरा घटनाक्रम दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ। मामले की शिकायत के बाद रूपेश पांडे को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर दुर्ग संभाग आयुक्त ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
