मध्यप्रदेश में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना वैधानिक प्रक्रिया के राजस्थान पुलिस को सौंपने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं और भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना न्यायिक आदेश और ट्रांजिट रिमांड के दूसरे राज्य की पुलिस को किसी को सौंपना अवैध है। इसके साथ ही कोर्ट ने गिरफ्तारी स्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने के निर्देश भी दिए हैं, जिनमें 20 अप्रैल रात 2 बजे से 21 अप्रैल शाम 5 बजे तक के फुटेज शामिल हैं। तीनों युवकों—बिलाल, निखिल और इनाम—को 27 अप्रैल को हर हाल में पेश करने का आदेश भी दिया गया है। इन पर राजस्थान के जयपुर में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया का महिला आरक्षण का फर्जी लेटर वायरल करने का आरोप है, और जयपुर पुलिस ने इन्हें हिरासत में लिया है।
