मध्य प्रदेश के मैहर जिले में सिंघाड़ा खेती के नए सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जिले के कई गांवों में सिंघाड़े की फसल पर अज्ञात बीमारी और कीट का प्रकोप देखा जा रहा है, जिससे सैकड़ों हेक्टेयर में लगी फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। हर्रई, नौगांव न. 4, झिन्ना, हिनौता, मड़करा, अमरपाटन, लालपुर, रिगरा और जरियारी सहित कई गांवों के तालाबों में फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि “लाल खजूरा” नामक कीट के हमले से पौधों की बढ़वार रुक गई है और वे लाल होकर कमजोर पड़ते जा रहे हैं तथा धीरे-धीरे सड़कर नष्ट हो रहे हैं। इससे इस वर्ष सिंघाड़ा उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से जल्द निरीक्षण कर प्रभावी उपचार और कीटनाशक उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
