मध्यप्रदेश में भाजपा के भीतर अंदरूनी बयानबाजी और अनुशासन को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। अपनी ही सरकार और संगठन के खिलाफ लगातार मुखर हो रहे तीन विधायकों पर अब पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपना लिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी की छवि और सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश नेतृत्व पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस बीच, इस पूरे विवाद पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
