Bilaspur में पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े पानी की टंकी में छिपाने और नकली नोट छापने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पवन सिंह ठाकुर को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश (एनआईए) सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत ने आरोपी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास, जबकि साक्ष्य मिटाने और नकली नोट रखने के अपराध में पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला 2 मार्च 2023 का है, जब एंटी क्राइम यूनिट को उसलापुर स्थित गीतांजलि कॉलोनी में नकली नोट छापने की सूचना मिली थी। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो पोर्च में रखी पानी की टंकी से टेप और पॉलीथिन में पैक महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान उसकी पत्नी सती साहू के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पत्नी के चरित्र पर शक होने के कारण उसने हत्या की और शव के हाथ-पैर व धड़ काटकर अलग-अलग पैक कर टंकी में छिपा दिया। आरोपी ने शव को जलाने की भी कोशिश की थी, लेकिन बदबू फैलने के डर से ऐसा नहीं कर सका। जांच के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से नकली नोट बनाने का सामान, कलर प्रिंटर, जेरॉक्स पेपर, नकली नोट और कटर मशीन जब्त की थी। अदालत ने अपने फैसले में इस अपराध को बेहद क्रूर और समाज में भय पैदा करने वाला बताते हुए आरोपी को किसी भी प्रकार की रियायत देने से इनकार कर दिया। साथ ही मृतका के दोनों नाबालिग बच्चों को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा देने की अनुशंसा भी की गई है।
