मध्यप्रदेश के जबलपुर की शान माने जाने वाले ‘जबलपुरी मटर’ और ‘सिंघाड़ा’ को अब नई पहचान मिल गई है। दोनों कृषि उत्पादों को आधिकारिक तौर पर GI टैग मिलने से जबलपुर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गया है। नर्मदा क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी और यहां की विशेष कृषि परिस्थितियों से तैयार इन उत्पादों को पहली बार मटर और सिंघाड़ा श्रेणी में यह प्रतिष्ठित पहचान मिली है। GI टैग मिलने से किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है और बाजार का विस्तार भी होगा। साथ ही ‘जबलपुरी’ नाम से नकली उत्पाद बेचने पर रोक लगेगी और इसे कानूनी संरक्षण मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
