झारखंड में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है, जहां राज्य के इतिहास में पहली बार 27 माओवादियों ने एक साथ सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। रांची पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में इन नक्सलियों ने हथियार छोड़ दिए। सरेंडर करने वालों में सारंडा और कोल्हान क्षेत्र के सक्रिय माओवादी और प्रतिबंधित संगठन जेजेएमपी के उग्रवादी शामिल हैं। इनमें 8 हार्डकोर नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों ने सरेंडर के दौरान INSAS राइफल, SLR, पिस्टल, हजारों कारतूस और वॉकी-टॉकी समेत भारी मात्रा में हथियार भी जमा कराए। पुलिस के अनुसार ये उग्रवादी हत्या, सुरक्षाबलों पर हमला, विस्फोट और लेवी वसूली जैसे 426 मामलों में शामिल रहे हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सरेंडर करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा।
