हाईकोर्ट में नवनामांकित अधिवक्ताओं को मानदेय देने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि नए अधिवक्ताओं को प्रारंभिक जरूरतों के लिए एकमुश्त 20 हजार रुपये की अनुदान राशि देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष दायर शपथपत्र में कहा गया कि यह राशि कानून की पुस्तकें, टेबल और कुर्सी जैसी आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए दी जाएगी। शासन ने बताया कि वित्त विभाग ने प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखने की सलाह दी है और उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा व झारखंड में लागू समान योजनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने की अपेक्षा जताते हुए कहा कि आवश्यक जानकारी जल्द प्राप्त कर प्रस्ताव को बिना अनावश्यक देरी के कैबिनेट के समक्ष रखा जाए। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को होगी।
