मध्य प्रदेश में राजभवन के निर्देशों के बावजूद रिपोर्ट नहीं भेजने का मामला सामने आया है। मंगुभाई पटेल ने आदिवासी और अनुसूचित क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों की जानकारी मांगी थी, लेकिन जल संसाधन विभाग पिछले दो महीनों से रिपोर्ट भेजने में देरी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अप्रैल में राजभवन की ओर से जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र भेजकर आदिवासी क्षेत्रों में जल जीवन मिशन और पानी से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद भी विभाग के 116 मुख्य अभियंताओं की ओर से अब तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस मामले में शासन और जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजना संचालनालय की ओर से भी निर्देश दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। खास बात यह है कि विभाग ने आदिवासी क्षेत्रों की 38 परियोजनाओं पर करीब 1085 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं और बजट का 95 प्रतिशत हिस्सा भी उपयोग हो चुका है, लेकिन इन योजनाओं से कितने लोगों को वास्तविक लाभ मिला, इसकी जानकारी अब तक राजभवन तक नहीं पहुंची है। रिपोर्ट में देरी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
