आरंग के ऐतिहासिक और जन-उपयोगी दमऊवा तालाब में संदिग्ध रासायनिक प्रदूषण की आशंका से स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश बढ़ गया है। तालाब के पानी पर हरे और मटमैले रंग की परत दिखाई देने के बाद लोगों ने आशंका जताई कि मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए इसमें हानिकारक रसायन या रासायनिक खाद डाली गई है। नगरवासियों का कहना है कि झलमला तालाब पहले ही घरेलू उपयोग के लायक नहीं बचा है और अब दमऊवा तालाब के भी प्रदूषित होने से जल संकट गहरा सकता है। शिकायत मिलने पर नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रदूषण के कारणों का पता चलेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मछली पालन समिति ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यदि जांच में उनकी गलती साबित होती है तो वे भविष्य में तालाब में मछली पालन नहीं करेंगे।
