“MAIC के नेशनल कॉन्फ्रेंस MAICON 1.0 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य पर होगा मंथन”
महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज, रायपुर (छ.ग.) द्वारा शिक्षा, शोध और नवाचार को नई दिशा देने के उद्देश्य से “MAICON 1.0” का आयोजन किया जा रहा है। IQAC एवं रिसर्च सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस 26 एवं 27 जून 2026 को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) एवं डिजिटल परिवर्तन (Digital Transformation) जैसे समकालीन एवं अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर केंद्रित होगी।
कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय “Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact” रखा गया है। इसका उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, उद्योग विशेषज्ञों तथा नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल तकनीकों के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श कर सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी* होंगे। चौधरी शिक्षा, नवाचार एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में अपनी दूरदर्शी सोच के लिए जाने जाते हैं। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में प्रो. संजीव पराशर (IIM रायपुर), प्रो. ओ.पी. व्यास (डायरेक्टर, IIIT रायपुर), प्रो. अरुण शर्मा (डीन एवं डायरेक्टर, IGDTUW) तथा डॉ. निशांत जैन (सहायक प्राध्यापक, JUIT सोलन, हिमाचल प्रदेश)* मौजूद रहेंगे और अपने विचारों से कॉन्फ्रेंस को नई दिशा प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर प्रतिभागियों की शोध स्मारिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों के चयनित शोध-पत्रों का प्रकाशन Scopus Indexed Journal में किया जाएगा, जिससे शोधार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शोध कार्य को प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।
संस्थान के चेयरमैन *डॉ. रमेश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन राजेश अग्रवाल तथा सचिव सरिता अग्रवाल के संरक्षण में आयोजित यह राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जैस्मिन जोशी कार्यक्रम की संरक्षक तथा उप-प्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी कॉन्फ्रेंस की संयोजक हैं।
कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए हुए विद्वान, शोधकर्ता एवं विशेषज्ञ अपने शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय, प्रशासन, मीडिया, साहित्य, कृषि एवं सामाजिक विकास में उपयोग, उससे जुड़ी चुनौतियाँ, नैतिक प्रश्न तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
कॉन्फ्रेंस का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जाएगा, जिससे देशभर के प्रतिभागी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कार्यक्रम में सहभागिता कर सकेंगे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ, तकनीकी सत्र, प्रश्नोत्तर एवं विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे।
महाविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यह कॉन्फ्रेंस विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को नवीन तकनीकी ज्ञान, अनुसंधान की दिशा तथा वैश्विक परिवर्तनों को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी। साथ ही यह कार्यक्रम अकादमिक जगत एवं उद्योग जगत के मध्य संवाद, सहयोग तथा नवाचार को भी सुदृढ़ करेगा।
