इंदौर में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने देपालपुर की गीता विहार कॉलोनी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने कंपनी के डायरेक्टर सुरेश ठाकुर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2018 में करीब 55.80 लाख रुपये कीमत के प्लॉट बेचे गए थे। आरोप है कि बिल्डरों ने बैंक या संबंधित प्राधिकरण से प्लॉटों को बंधक मुक्त कराए बिना ही उनकी रजिस्ट्री करा दी। EOW की प्रारंभिक जांच में कॉलोनी में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि बुनियादी विकास कार्य पूरे किए बिना ही प्लॉटों की बिक्री जारी रखी गई। इसके अलावा कॉलोनी निर्माण और विकास कार्यों से जुड़े कथित फर्जी इंजीनियरिंग प्रमाण-पत्रों की भी जांच की जा रही है।
