भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान हुए बवाल में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने कार्रवाई को सरकार की “फासीवादी नीति” करार देते हुए इसका विरोध किया है, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन पर हमला किया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए और पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले की शिकायत राज्यपाल से करेगी। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने कहा कि भाजपा नेताओं ने जूते-चप्पल और पत्थर फेंके, लेकिन एफआईआर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज की गई। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए इसे सरकार की फासीवादी नीति बताया। दूसरी ओर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा के आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डंडे लहराए और पुलिस-प्रशासन को धमकाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाले अधिकांश अपराधों के पीछे कांग्रेस के लोग मिलते हैं और जनता उनके आचरण का जवाब देगी।
