मध्य प्रदेश के सतना जिले में विकास के दावों के बीच एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौरैया के रामपुरा गांव में सड़क नहीं होने के कारण पैरालिसिस पीड़ित बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस तक नहीं मिल सकी। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला प्रेमवती त्रिवेदी को चारपाई पर लिटाकर कीचड़ और मलबे से भरे करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे रास्ते को पैदल पार कराया, जिसके बाद उन्हें मुख्य सड़क तक पहुंचाकर अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 100 घरों की आबादी वाले इस गांव की सड़क पिछले 20 सालों से बदहाल है। बताया गया कि वर्ष 2000 के आसपास लोक निर्माण विभाग ने यहां डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई थी, लेकिन इसके बाद मरम्मत नहीं होने से सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के मौसम में गांव का संपर्क टूट जाता है और गंभीर मरीजों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
