मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटके ‘प्रमोशन में आरक्षण’ (Reservation in Promotion) मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अब इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की नई बेंच द्वारा फिर से शुरू से की जाएगी। यह स्थिति तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के कारण बनी है, जिसके चलते सुनवाई पूरी होने के बावजूद फैसला जारी नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार, इस मामले की अंतिम सुनवाई 17 फरवरी को पूरी हो चुकी थी और फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा में आदेश पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए। नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में यदि आदेश जारी नहीं होता या हस्ताक्षर नहीं हो पाते, तो सुनवाई दोबारा करनी पड़ती है। इस देरी का सीधा असर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ा है, जिससे लाखों कर्मचारियों और युवाओं के प्रमोशन और नई नियुक्तियां प्रभावित हो रही हैं। 2022 में प्रमोशन में आरक्षण संबंधी पुराने नियमों को निरस्त किए जाने के बाद से ही कई विभागों में पदोन्नति और भर्तियों पर रोक लगी हुई है, और अब नए सिरे से सुनवाई के कारण यह इंतजार और लंबा हो सकता है।
